सुसाइड नोट के बाद भी खामोश सिस्टम! 12 दिन बीते, नौगांव में युवक की मौत पर कार्रवाई शून्य*
नौगांव /छतरपुर
22 अप्रैल 2026 को थाना नौगांव क्षेत्र में युवक विकास अहिरवार की संदिग्ध मौत का मामला अब प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। परिजनों के मुताबिक, विकास ने सलफास का सेवन कर आत्महत्या की, और इसके पीछे एक युवती द्वारा कथित प्रताड़ना व ब्लैकमेलिंग जिम्मेदार है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिलने का दावा किया जा रहा है, जिसमें कथित रूप से प्रताड़ना का जिक्र है। इसके बावजूद, घटना के 12 दिन बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
*परिजनों ने अब सीधे एसपी (पुलिस अधीक्षक) को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि नामजद शिकायत और सुसाइड नोट जैसे अहम सबूत होने के* *बावजूद पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है और आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
परिजनों का दर्द
हमने हर दरवाजा खटखटाया, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन मिला है। अगर सुसाइड नोट के बाद भी कार्रवाई नहीं होगी, तो फिर न्याय किससे उम्मीद करें?
गंभीर सवाल खड़े
क्या सुसाइड नोट भी जांच के लिए पर्याप्त नहीं
12 दिन में पुलिस ने क्या कदम उठाए?
क्या किसी दबाव में मामला ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है?
न्याय की मांग तेज
मृतक के परिजन अब खुलकर सामने आ गए हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।